अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च से पहले धर्मपुर खण्ड में नशा मुक्ति अभियान को लेकर गांव-गांव महिला जागरूकता बैठकों का दौर तेज हो गया है। मंडी साक्षरता एवं ज्ञान विज्ञान समिति के बैनर तले चल रहे इस अभियान में डॉ विना राठौर महिलाओं को संगठित कर नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान कर रही हैं। ज्ञान विज्ञान समिति धर्मपुर खण्ड के नवनिर्वाचित अध्यक्ष भोलादत कश्यप ने बताया कि पिछले दो वर्षों से खण्ड में चरणबद्ध तरीके से नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण में अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच भूपिंदर भूप्पी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर स्कूलों में जागरूकता शिविर और मिनी मैराथन आयोजित की गईं। दूसरे चरण में सज्याओ, टिहरा, चोलथरा, धर्मपुर, मंडप और बरोटी क्षेत्रों में पंचायत स्तर तक क्षेत्रीय कमेटियां बनाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। अब 8 मार्च को सजयाओपीपलु में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम से पूर्व गांव स्तर पर महिला शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। भोलादत कश्यप ने बताया कि सज्याओपीपलु क्षेत्रीय कमेटी की अध्यक्षा एवं सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य डॉ विना राठौर ने फरवरी माह में सज्याओ, जोढन, लौंगनी, पिपली-भराड़ी, रोसो, डरवाड़ और घरवासड़ा पंचायतों के लगभग तीन दर्जन गांवों व वार्डों में बैठकें की हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. राठौर महिलाओं को चिट्टा सहित अन्य नशों के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दे रही हैं, जिससे क्षेत्र में जागरूकता बढ़ी है। डॉ राठौर ने 35 वर्षों तक हिमाचल प्रदेश में शिक्षण सेवाएं दीं और नाहन कॉलेज से प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुईं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए भराड़ी स्कूल को गोद लिया और नशा मुक्ति अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ीं। समिति के संस्थापक सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर खण्ड का नशा मुक्ति अभियान मंडी जिला में एक मॉडल के रूप में उभर रहा है, जिसका श्रेय स्थानीय बुद्धिजीवियों, पूर्व सैनिकों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को जाता है।