जिला मंडी के मंदिरों में आर्थिक संकट के चलते कारदारों को धूप, भोग सामग्री और चौकीदार रखने में भी कठिनाई आने लगी है। भीमाकाली मंदिर में मंगलवार को सर्व देवता समिति के प्रधान शिव पाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह खुलासा किया। बैठक में देवी-देवताओं की संस्कृति को लेकर चर्चा की और सरकार व प्रशासन से अनुरोध किया कि रियासत के समय राजाओं ने देवताओं के संचालन के लिए जो प्रारूप तैयार कर शासन (भूमि ) आवंटित की थी, वर्तमान में वह भूमि मजारों को दी गई है। इस कारण कई देवी देवता ऐसे हैं जिन्हें इस समय धूप दीप, भोग सामग्री और चौकीदार रखने में कठिनाई आ रही है। मंदिरों की अर्थव्यवस्था दिन प्रतिदिन बिगड़ रही है। बैठक में कारदारों ने सरकार से अनुरोध किया कि जिन मंदिरों की व्यवस्था ठीक नहीं है, उनके जीर्णोधार के लिए बजट दिया जाए। मंदिरों के निर्माण कार्य के लिए जो राशि विधायक और सांसद निधि से दी जाती है। वह सीधे तौर पर देवताओं की समितियों को दी जाए। कारदारों ने बताया कि कई बार मांग उठाई गई है लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में फैसला लिया कि जो देव समाज के हित में और देव संस्कृति बचाने के लिए कार्यरत रहेगा, समस्त देव समाज उनका साथ देगा। बैठक में शिवरात्रि महोत्सव के दौरान देवताओं को उचित स्थान व मान सम्मान को लेकर भी मंथन किया और कहा कि इस तरफ न सरकार और न ही प्रशासन ध्यान दे रहा है। जिस उपलक्ष्य में शिवरात्रि का धन इक्कठा किया जाता है, उसका सही प्रयोग नहीं होता है। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि में आने वाली समस्याओं को सुलझाने के लिए आगामी शिवरात्रि से पहले प्रशासन सर्व देवता सेवा समिति के साथ बैठक करें। इस बैठक में उप प्रधान राजू राम, महासचिव दिनेश शर्मा, मुख्य सलाहकार भीम चंद, सलाहकार रेवती राम, प्रैस सचिव मनोज कुमार समेत 300 ने हिस्सा लिया। इससे पहले भाषा एवं संस्कृति विभाग के उपनिदेशक राज कुमार सकलानी के आकस्मिक निधन पर समस्त कारदारों ने दो मिनट का मौन रखा। भूतनाथ मंदिर में अप्रिय घटना दुखदायकबैठक में दूरदराज से आने वाले बजतंत्रियों को प्रोत्साहन देने पर भी चर्चा की गई। साथ ही कहा कि बाबा भूतनाथ मंदिर में कोई न कोई अप्रिय घटना घटती रहती है, जो जनमानस की भावना को ठेस पहुंचा रही है। जबकि शिवरात्रि मेजा बाबा भूतनाथ और माधोराय की पूजा अर्चना होने के उपरांत ही शुरू होता है। ऐसी अप्रिय घटनाओं पर सरकार और प्रशासन पर प्रश्नचिन लग रहा है। प्रशासन से इस संबंध में कार्रवाई करने की मांग की गई।