विपाशा सदन मंडी में जिला स्तरीय किसान मेले की अध्यक्षता करते हुए एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विभाग मंडी की ओर से कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) परियोजना के माध्यम से आयोजित इस मेले में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। संजीव गुलेरिया ने कहा कि इस तरह के मेलों का आयोजन जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में किया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से प्रस्तुत इस बार के बजट में गाय के दूध का समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक खेती से उगाए अदरक का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलोग्राम तथा हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। वहीं गेहूं का समर्थन मूल्य 60 रुपये और मक्की का 50 रुपये किया गया है, जिससे किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के इस वर्ष के बजट का फोकस ग्रामीण उत्थान, किसानों, महिलाओं और युवाओं के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। इस अवसर पर एचपीएमसी के निदेशक जोगिंद्र गुलेरिया, उप संभागीय नोडल अधिकारी (केंद्रीय क्षेत्र) डॉ. प्राची, परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. राकेश पटियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ग्लोबल सर्टिफिकेशन सोसाइटी, पालमपुर, डॉ. विकास कुमार, पूर्व परियोजना निदेशक, आत्मा डॉ. रवि शर्मा तथा पूर्व डीपीएम, जाइका परियोजना डॉ. वाम देव शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती तथा मोटे अनाज (मिलेट्स) के बारे में जागरूक किया।