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Mandi: बालीचौकी सीएचसी को सिविल अस्पताल बनाने की मांग तेज, किसान सभा ने आंदोलन की चेतावनी

Ankesh Dogra Updated Fri, 10 Jul 2026 12:22 PM IST

बालीचौकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। हिमाचल किसान सभा की बालीचौकी लोकल कमेटी ने प्रदेश सरकार से अस्पताल का स्तर बढ़ाने और विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति करने की मांग उठाई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा ने कहा कि बालीचौकी सीएचसी मंडी जिले की करीब 20 पंचायतों और कुल्लू जिले की छह पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। प्रतिदिन यहां लगभग 150 से 200 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वीकृत पद नहीं होने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की आबादी और मरीजों की संख्या को देखते हुए बालीचौकी सीएचसी को सिविल अस्पताल का दर्जा मिलना चाहिए। इसके साथ ही नौ विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित अन्य जरूरी स्टाफ के पद भी सृजित किए जाने चाहिए, ताकि लोगों को उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े। महेंद्र सिंह राणा ने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में बिना आवश्यक स्टाफ और विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद स्वीकृत किए अस्पताल को सिविल अस्पताल घोषित कर दिया था। वहीं वर्तमान सरकार ने उस अधिसूचना को निरस्त कर दिया, जिससे क्षेत्रवासियों की उम्मीदों को झटका लगा। उन्होंने कहा कि यदि बालीचौकी में पूर्ण सुविधाओं वाला सिविल अस्पताल स्थापित होता है तो आसपास के दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। किसान सभा ने घोषणा की है कि इस मांग को लेकर 13 जुलाई को मुख्यमंत्री के नाम उपमंडल अधिकारी (नागरिक), बालीचौकी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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