आर्थिक तंगी के चलते वर्षों से कच्चे मकानों में रहने को मजबूर जोगिंद्रनगर क्षेत्र के 114 गरीब परिवारों के लिए स्वर्ण जयंती आश्रय योजना सहारा बनी है। वर्ष 2023 से 2026 के दौरान इन परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए सरकार की ओर से प्रति लाभार्थी 1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। सहायता मिलने के बाद कई परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हुआ है। तहसील कल्याण अधिकारी, जोगिंद्रनगर के अनुसार योजना के तहत लाभ पाने वाले 114 परिवारों में 109 अनुसूचित जाति, तीन अन्य पिछड़ा वर्ग और दो अनुसूचित जनजाति के परिवार शामिल हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए दी गई इस सहायता से उन्हें कच्चे मकानों से निकलकर सुरक्षित और बेहतर आवास की सुविधा मिल रही है। हारगुनैन गांव के लाभार्थी रण सिंह ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके लिए पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये की सहायता मिलने से उनका पक्का घर बनाने का सपना पूरा हो सका। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का आभार जताया। आरठी गांव के लाभार्थी सुखदेव ने भी बताया कि उनका परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। सरकार से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें पक्का मकान बनाने में मदद की। उन्होंने कहा कि योजना से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल मकान निर्माण में मदद नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक कदम साबित हो रही है। योजना का उद्देश्य पात्र गरीब परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध करवाकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।