सैंज में ड्रेजिंग कार्य का निरीक्षण करने गई टीम को उस वक्त लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। जब सतेश गांव में तहसीलदार बंजार नहीं रुके। इसके बाद लोगों ने टीम की अन्य गाड़ी को रोक लिया और घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने उपेक्षा करने के लिए टीम को खरी-खोटी भी सुनाई। इतना ही ग्रामीण अपनी बात पर अड़ गए और फिर तहसीलदार को मौके पर आना पड़ा, इसके बाद ही ग्रामीण माने। इतना ही नहीं लोगों के घेराव के बाद सतेश गांव में ड्रेजिंग के लिए एक और मशीन को भी भेजा गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। मामला बीते सोमवार का है, जब एक टीम सैंज में चल रहे ड्रेजिंग कार्य का निरीक्षण करने तहसीलदार की अगुवाई में टीम गई हुई थी। टीम में खनन विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, जल शक्ति विभाग, प्रशासन, वन विभाग के अधिकारी शामिल थे। ग्रामीण ज्ञान चंद, लाल चंद, सुरेंद्र कुमार, संदीप कुमार, राजेश ने कहा कि सतेश गांव में धीमी गति से ड्रेजिंग का काम किया जा रहा है। सतेश में ड्रेजिंग के लिए एक ही मशीन लगाई गई थी। ग्रामीण कछुआ गति से होने वाले काम के लिए प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखना चाहते थे। लेकिन जब तहसीलदार सतेश में नहीं रूके तो बात यहां तक आ गई। उपायुक्त कुल्लू एवं एसडीएम बंजार के समक्ष भी समस्या को उठाया गया है। उन्होंने कहा कि बरसात आने का समय बिल्कुल नजदीक है। इसलिए बरसात से पहले ड्रेजिंग कार्य पूरा करने के साथ ही सतेश गांव के लिए पुल का निर्माण भी जल्द किया जाए।