मालरोड स्थित दुर्गा मंदिर में प्रथम नवरात्र से शुरू हुए शतचंडी महायज्ञ के संपन्न होने के बाद शनिवार को मालरोड़ पर भंडारा का आयोजन हुआ। भंडारा का प्रसाद ग्रहण करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। लगभग 25 क्विंटल चावल और विभिन्न दालें परोसी गईं। इसके अलावा कढ़ी और मटर पनीर भी परोसा गया। पांच क्विंटल मीठा भात भी भक्तों को परोसा गया। शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ संपन्न हो गया था । माता हिडिंबा इस महायज्ञ की पूर्णाहुति के दौरान उपस्थित रहीं। शनिवार को भंडारे के बाद माता हिडिंबा अपने देवालय लौट गईं। दिनभर मालरोड में चहल-पहल देखने को मिली। मालरोड के अलावा बस स्टैंड में भी भंडारे की व्यवस्था की गई थी। सभी लोगों ने पंडाल में बैठकर बारी-बारी प्रसाद ग्रहण किया। उधर, दुर्गा मंदिर में विराजमान माता हिडिंबा और दुर्गा माता के दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रसाद बनाने का कार्य मध्यरात्रि से ही शुरू हो गया था। इसमें 35 बोटियों ने कार्य किया। इसके अलावा सैकड़ों सेवादार भी दिनभर प्रसाद आवंटन कार्य करते रहे। माता हिडिंबा के कारदार रघुवीर नेगी ने बताया कि महायज्ञ संपूर्ण होने पर भंडारा का आयोजन हुआ। इसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।