पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विंटर कार्निवल मनाली की तिथि में किए गए बदलाव पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि विंटर कार्निवाल की पारंपरिक तिथि पहले 2 से 6 जनवरी तक निर्धारित रहती थी, जिससे पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता था, लेकिन अब इसे बदलकर 20 से 24 जनवरी कर देना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह देव संस्कृति के अनुरूप नहीं है। गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि इन दिनों मनाली और देवभूमि कुल्लू में देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर होते हैं। देव परंपराओं के अनुसार इस अवधि में कई प्रकार के प्रतिबंध लागू रहते हैं। उन्होंने बताया कि देव आदेश के चलते इन दिनों न तो खेतों की खुदाई की जाती है और न ही किसी प्रकार का शोर-शराबा किया जाता है। यहां तक कि रेडियो और टेलीविजन चलाना भी वर्जित माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सरकार द्वारा इन तिथियों में बड़े स्तर का आयोजन करना स्थानीय लोगों की आस्था और देव संस्कृति का खुला अनादर है।