13 से 19 अक्तूबर तक सात दिनों तक चलने वाले देव महाकुंभ कुल्लू दशहरा उत्सव में अपनी भागेदारी के लिए सैकड़ों देवी देवता अस्थायी शिविरों में पहुंच गए हैं। रविवार को रथयात्रा से पूर्व सभी देवी-देवताओं ने रघुनाथपुर जाकर रघुनाथ के दरबार में हाजिरी भरी और शीश नवाया। सुबह से लेकर दोपहर तक देवताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। आनी निरमंड से लेकर मनाली, सैंज, बंजार, मनिकर्ण, खराहल घाटी से आए सैकड़ों देवी देवता ढोल नगाड़ों की थाप पर रघुनाथ के मंदिर पहुंचे। वहीं, कई देवताओं ने 12 अक्तूबर को ही शीश नवाया था। एक किलोमीटर के दायरे में देवी देवताओं से लोगों ने आशीर्वाद लिया।