भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी आठवीं पुण्यतिथि पर मनाली में श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर मालरोड स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। वहीं, अटल के गांव प्रीणी में भी उन्हें पुष्पांजलि दी गई और उनकी स्मृतियों को याद करते हुए संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई। अटल बिहारी वाजपेयी का मनाली के समीप स्थित प्रीणी गांव से गहरा लगाव रहा। उन्होंने यहां अपना दूसरा घर बनाया था और छुट्टियां बिताने के लिए अक्सर मनाली आते थे। ग्रामीणों के अनुसार गांव में रहने के दौरान उनका व्यवहार बेहद सहज और आत्मीय रहता था। वह स्थानीय लोगों के साथ घुल-मिल जाते और अपने निवास पर ग्रामीणों के साथ चाय पीते हुए बातचीत करते थे। प्रीणी गांव के पूर्व प्रधान कुंदन ने अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में अटल का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जब भी अटल गांव आते थे तो ग्रामीणों को कभी यह महसूस नहीं होता था कि देश के प्रधानमंत्री उनके बीच मौजूद हैं। वह आम लोगों की तरह ग्रामीणों से मिलते और बातचीत करते थे। उन्होंने बताया कि प्रीणी स्कूल के बच्चे अटल बिहारी वाजपेयी को प्यार से ‘मामा’ कहकर पुकारते थे। अटल का गांव और स्थानीय लोगों के साथ यह आत्मीय रिश्ता आज भी उनकी स्मृतियों में जीवंत है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गोविन्द ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष ठाकुर दास, शहरी भाजपा अध्यक्ष अजय अवरोल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। गोविन्द ठाकुर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मनाली से उनका विशेष लगाव रहा और देश के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।