हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम भीषण हादसा हुआ। मरोतन से घुमारवीं जा रही एक निजी बस पर अचानक पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानें और मलबा गिर गया। हादसा बरठीं क्षेत्र के भल्लू पुल के पास हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो छोटे बच्चे चमत्कारिक रूप से बचा लिए गए।
बस में कुल 18 यात्री सवार थे। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद 15 शव बरामद किए गए, जबकि आठ वर्षीय शौर्य और दस वर्षीय आरुषि को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें एम्स बिलासपुर रेफर किया गया।
हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्य मारे गए हैं, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बस में ज्यादातर लोग नौकरी और कामकाज से घर लौट रहे थे। पहाड़ी से गिरे मलबे ने बस की छत उखाड़ दी और सवारियों को मलबे में दबा दिया। अंधेरा और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आईं, लेकिन राहत दल पूरी रात जुटा रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी दुख व्यक्त किया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।