स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के नाम पर कथित तौर पर बिजली कनेक्शन काटे जाने के विरोध में उपभोक्ता कल्याण मंच ने शुक्रवार को हमीरपुर में प्रदर्शन किया। मंच के सदस्यों ने अणु स्थित बिजली बोर्ड कार्यालय परिसर में नारेबाजी की और अधीक्षण अभियंता (ऑपरेशन) के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। मंच के संयोजक कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर ऑपरेशन सर्किल हमीरपुर में कई उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन केवल इसलिए काटे जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने सुचारु रूप से चल रहे मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर आपत्ति जताई है। कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि बिजली अत्यावश्यक सेवा है और स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार करने के आधार पर किसी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए। उन्होंने इस तरह की कार्रवाई को बिजली अधिनियम, 2003 और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताया। मंच ने चेतावनी दी कि यदि बिना वैधानिक अधिकार के इस तरह की कार्रवाई की जाती है तो उसे न्यायालय और सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष चुनौती दी जाएगी। उपभोक्ता कल्याण मंच ने बिजली बोर्ड प्रबंधन से मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर बिजली कनेक्शन काटने या उपभोक्ताओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। मंच ने कहा कि यदि उपभोक्ताओं का कथित उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायिक और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों का सहारा लेने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान मंच के सहसंयोजक सुरेश राठौड़, महासचिव जेके धीमान, कार्यकारिणी सदस्य विजय शर्मा और कामेश्वर शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। वहीं, बिजली बोर्ड हमीरपुर के अधीक्षण अभियंता आशीष कपूर ने कहा कि बिजली मीटर कनेक्शन काटे जाने की कोई शिकायत बोर्ड के पास नहीं आई है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के उच्च अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार ही बोर्ड कर्मचारी कार्य करते हैं।