31वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के दो छात्रों की साइंस सर्वे रिपोर्ट टॉप-20 में सिलेक्ट हुई हैं। छात्रों के प्रदर्शन से प्रदेश का नाम देश भर में रोशन हुआ है। संचित मेहरा ने जहां अपनी साइंस सर्वे रिपोर्ट में जंगली और घरेलू जड़ी बूटियों से इम्यूनिटी एनर्जी बूस्टर की कैंडी बनाकर बच्चों की इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने का काम किया है। वहीं कपिश शर्मा ने अपनी साइंस सर्वे रिपोर्ट में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास किया है, ताकि किसान अधिक से अधिक मुनाफा आलू फसल में कमा सकें। भोपाल से अवार्ड लेकर वापिस आए हुए छात्रों का हमीरपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया है और मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। बता दें कि छह जनवरी को राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन में ऑल इंडिया से 700 के करीब छात्रों ने अपनी साइंस सर्वे रिपोर्ट पेश की है। मध्यप्रदेश के भोपाल के रविंद्रा भवन में तीन जनवरी से छह जनवरी तक राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन आयोजित किया गया है। इसमें हिमाचल प्रदेश के 16 छात्रों की साइंस सर्वे रिपोर्ट का चयन हुआ था। बालकरूपी पाठशाला के प्रिंसीपल ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बालकरूपी के संचित मेहरा ने अपने गाइड टीचर तिलक राज के मार्गदर्शन में अपनी साइंस सर्वे रिपोर्ट में जंगली और घरेलू जड़ी बूटियों को तैयार किया और बहुत से मसलों का उपयोग करके इम्यूनिटी एनर्जी बूस्टर की कैंडी बच्चों के लिए तैयार की है। इसी तरह ऊना जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला त्यूड़ी के कपिश शर्मा ने अपने गाइड टीचर हरदी सिंह के मार्गदर्शन में अपनी साइंस सर्वे रिपोर्ट में किसानों की कठिनाइयों को आसान करने के लिए इस प्रोजेक्ट के द्वारा मिट्टी की गुणवत्ता के अुनसार आलू की गहराई के साथ संबंधित निष्कर्ष निकाला है। 31वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन में हिमाचल के दो छात्रों की साइंस सर्वे रिपोर्ट टॉप-20 में सिलेक्ट हुई हैं, जोकि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। मध्यप्रदेश के भोपाल के रविंद्रा भवन में तीन से छह जनवरी तक राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन आयोजित किया गया। जहां पर ऑल इंडिया से करीब 700 छात्रों ने अपनी साइंस सर्वे रिपोर्ट पेश की है। इसके लिए छात्र संचित मेहरा और छात्र कपिश शर्मा के साथ-साथ उनके गाइड टीचर भी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हिम कॉस्टे, प्रदेश सरकार, भारत सरकार और आयोजकों का आभार जताया है। वहीं, छात्र संचित मेहरा और नितिन कुमार ने बताया कि पिछले साल एनआईटी हमीरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में चयन हुआ था जिसमें सांइस सर्वे रिपोर्ट में जंगली व घरेलू जडी बूटियों से प्रोजैक्ट तैयार किया था जिसके चलते देश भर के बीस स्थानों में प्रोजेक्ट को जगह मिली है। वहीं नितिन कुमार ने बताया कि मुझे बालों से संबंधित समस्याओं के निदान के लिए औषधीय शैंपू तैयार किया है जिसके लिए अवार्ड मिला है।