सीएमओ कार्यालय हमीरपुर में वीरवार को सीएमओ हमीरपुर डॉ. आरके अग्रिहोत्री की अध्यक्षता में मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य खंडों के अधिकारियों को डायरिया से बचने के लिए उपयुक्त प्रबंध करने के आदेश दिए। वहीं, प्रसव अस्पतालों में ही करवाएं इसके लिए अधिकारियों को अपने खंडों में कर्मचारियों फील्ड में उतार लोगों को जागरूक करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जिला भर से पानी के 43 सैंपल विभिन्न प्राकृतिक जल स्त्रोतों से जांच के लिए भेजे थे। जिसमें से नौ संदिग्ध हैं और 14 सैंपल फेल हैं। ऐसे में जिन क्षेत्रों में यह पानी के सैंपल खराब पाए गए हैं वहां की पंचायतों को इसके संबंधी सूचना दी गई है ताकि वह वहां के पानी के जल स्त्रोतों की सफाई कर सकें। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिले में 21 करोड़ रुपये का जो बजट आया था उसका 99.6 फीसदी खर्च कर लिया है। वहीं उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोग हैं वहां पर कुछ क्षेत्रों में प्रसब घरों में करवाने के मामले सामने आ रहे हैं जो मां व बच्चे दोनों के लिए खतरनाक है। ऐसे में इन लोगों को जागरूक करने के लिए कर्मचारी फील्ड में उतारे जाएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि फील्ड स्तर पर मरीजों की बीमारियों के उपचार के लिए डॉक्टर सीधा मेडिकल कॉलेज, बिलासपुर एम्स के विशेषज्ञकों के साथ बात कर सकते हैं। इस दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता, बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया, डॉ. अवनीत, डॉ.अरविंद कौंडल, डॉ. राजेश आदि उपस्थित रहे।