हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) की जेबीटी भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा केंद्र बदलवाने के लिए कथित तौर पर आवेदन पत्र में छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन की शिकायत पर पुलिस थाना सदर हमीरपुर में एक अभ्यर्थी युवती और उसके रिश्तेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आयोग की शिकायत के अनुसार विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत पोस्ट कोड 26015 में जेबीटी (जॉब ट्रेनी) पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। अभ्यर्थी ने एक अप्रैल 2026 को ऑनलाइन आवेदन जमा किया था। 14 जून को प्रस्तावित कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए आवेदन में दर्ज प्राथमिकताओं के आधार पर अभ्यर्थी को लाहौल-स्पीति के उदयपुर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया था। शिकायत के मुताबिक 11 जून को अभ्यर्थी के एक रिश्तेदार की ओर से आयोग को ई-मेल भेजी गई। इसकी एक प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई थी। ई-मेल में दावा किया गया कि अभ्यर्थी को करीब 500 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र दिया गया है, जबकि आवेदन में उसने शिमला, सोलन और सिरमौर को प्राथमिकता दी थी। ई-मेल के साथ अभ्यर्थी का प्रवेश पत्र और ऑनलाइन आवेदन पत्र भी संलग्न किया गया था। आयोग के अनुसार अभ्यर्थी की परेशानी को देखते हुए उसका परीक्षा केंद्र उदयपुर से बदलकर बिलासपुर कर दिया गया था। आयोग ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि अभ्यर्थी और उसके रिश्तेदार ने कथित तौर पर आवेदन पत्र में बदलाव कर उसे सोशल मीडिया, जिसमें फेसबुक भी शामिल है, पर प्रसारित किया। इसके माध्यम से एचपीआरसीए पर परीक्षा केंद्र आवंटन में जानबूझकर गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए। आयोग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से वैधानिक भर्ती एजेंसी की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दस्तावेजों तथा पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस जांच कर रही है।