प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से सोमवार को एनजीओ भवन में महिला जागरुकता शिविर आयोजित किया। शिविर में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दे रही है। महिलाओं के अधिकारों और आत्म सम्मान की रक्षा के लिए उनका आर्थिक रूप से स्वावलंबी होना सबसे जरूरी होता है। पैतृक संपत्ति में बेटी को अधिकार देना, पंचायतीराज संस्थाओं में महिला आरक्षण का प्रावधान, मनरेगा और स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण जैसी योजनाओं का मूल उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना ही है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने बताया कि आयोग ने अपने कार्यालय तक आम महिलाओं की पहुंच को सुलभ बनाया है। इससे महिलाएं अपने साथ हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत करने के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जमीनी स्तर पर कार्य कर रही हैं और किसी भी महिला के साथ हो रहे अत्याचार की जानकारी सबसे पहले उनके पास पहुंचती है। कार्यकर्ता या पीड़ित महिला विभिन्न मंचों पर शिकायत के अलावा सीधे महिला आयोग से भी संपर्क कर सकती है।