मनुष्य जीवन में साधना ही मोक्ष का द्वार है। हमें सांसरिक जीवन में दुख सुख सभी को अलग रखकर साधना का रास्ता अपनाना चाहिए। साधना से ही हमें मोक्ष मिलता है। यह वाक्य वीरवार को शिवपुरी धाम समताना के विद्वान आचार्य मुख्य संरक्षक एवं मार्गदर्शक आध्यात्मिक गुरु स्वामी शेखर सुमन ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहें। महोत्सव पर शिवपुरी धाम में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। मंदिर में सुबह 16 प्रकार से पूजन के बाद भजन-कीर्तन और गुरु दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें गुरू जी ने अपने शिष्यों को गुरु मंत्र की नाम दीक्षा दी। मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर पहले ही तैयारियां पूर्ण कर ली गई थी। देर रात तक मंदिर में भजन कीर्तन किया। इस मौके पर आचार्य आशीष शर्मा, राजकुमार सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।