आईटीआई हमीरपुर में शुक्रवार को कुष्ठ रोग पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक तिलक राज ने बताया कि कुष्ठ रोग एक धीमी गति से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। इसका कीटाणु शरीर में प्रवेश करने के बाद इसके लक्षण आने में लगभग चार से छह: साल का समय लग जाता है। स्वास्थ्य विभाग से बीसीसी समन्वयक सुलोचना ने बताया कि कुष्ठ रोगियों की समय पर पहचान करना आसान है। इसका इलाज भी संभव है। समय पर पहचान करके इससे पूर्णता निजात पाई जा सकती है। कोई भी लक्षण शरीर में दिखाई दें तो शीघ्र ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट (एमडीटी) कोर्स से कुष्ठ रोग को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। यह सभी दवाइयां सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क मिलती हैं। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों ने कुष्ठ संबंधी जानकारियां अपनी -2 स्पर्धा के माध्यम से प्रस्तुत की। भाषण प्रतियोगिता में पलक को प्रथम, अभिषेक को द्वितीय व मोनिका को तृतीय पुरस्कार मिला है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से कुष्ठ रोग अधिकारी कृष्ण कुमार, संस्थान के प्रधानाचार्य सुभाष चंद शर्मा आदि मौजूद रहे।