महिला पुलिस थाना हमीरपुर के तहत दर्ज मानव तस्करी मामले में दो आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया। आरोपियों को 16 फरवरी तक पुलिस रिमांड मिली है। आरोपियों के संपर्कों को खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि आरोपियों ने तस्करी का यह जाल कईं राज्यों में फैलाया है। महिला आरोपी ने खुद को नाबालिगों की बुआ बताया था लेकिन जिला बाल संरक्षण समिति ने उसकी सच्चाई पता लगाई और फिर बाल मजदूरी के लिए बाल तस्करी का खुलासा हुआ है। मामले में यह भी चर्चा है कि पांच बच्चों को झारखंड से लाया गया था। अभी तक दो बच्चे रेस्कयू किए और अन्य तथ्यों को खंगाला जा रहा है। मामले में हमीरपुर जिला के एक स्थानीय व्यक्ति को भी देररात गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के बैंक खातों के लेनदेन को भी खंगाला जा रहा है। आरोपी महिला की पहचान दुलारी देवी निवासी झारखंड के रूप में हुई है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर से मामले की शिकायत मिली थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक नाबालिग बच्चे को कुल्लू और एक बच्चे को हमीरपुर से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। यह प्रारंभिक शिकायत मिली थी कि दुलारी देवी झारखंड से पांच नाबालिग बच्चों को हिमाचल के एक व्यक्ति के कहने पर लाई थी। जिला बाल संरक्षण समिति अध्यक्ष मनीष राणा ने कहा कि मामले में जांच के बाद पुलिस को शिकायत दी गई है। आरोपी महिला ने खुद को बच्चों की बुआ बताया था लेकिन जांच के बाद यह झूठ पाया गया। एसपी बलवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि 16 फरवरी तक आरोपियों को रिमांड मिली है। आरोपियों के बैंक खातों और अन्य संपर्कों को खंगाला जा रहा है।