सीटू के अखिल भारतीय आहन पर वीरवार को हमीरपुर शहर में मजदूरों की रोष रैली का आयोजन किया गया। मजदूरों ने तहसील कार्यालय से गांधी चौक तक रोष रैली निकाली और सभा की और जिलाधीश के से प्रधानमंत्री को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भेजे। जिला सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि नई मोदी सरकार ने जो 100 दिन का एजेंडा तय किया है उसमें चार नए श्रम कोड लागू करने पर जा रही है जो मजदूरों के लिए गुलामी का फंदा है और मजदूरों ने लंबी लड़ाई और कुर्बानी के बाद हासिल कि ए सुरक्षा के अधिकारों को खत्म करने की साजिश है। इन चार नए लेबर कोड को लागू करने से देश के 74 फीसदी मजदूर सामाजिक सुरक्षा व 70 फीसदी उद्योग कानून के दायरे से ही बाहर हो जाएंगे। नए लेबर कोड में हड़ताल करने पर मजदूरों को वैसे ही सख्त सजा का प्रावधान है जैसे कि ट्रांसपोर्ट मालिकों व ड्राइवर के लिए दुर्घटना की स्थिति में मोटर व्हीकल एक्ट में किया गया है। केंद्र सरकार ने फिक्स्ड टर्म रोजगार की अधिसूचना पहले ही जारी कर दी है। इससे मजदूर नियमित रोजगार से वंचित हो जाएंगे मजदूरों को काम के लिए समय सीमा आठ घंटे से बढ़कर 12 घंटे की करने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। उन्होंने मांग की है कि नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन को खत्म करो सार्वजनिक उपक्रमों को सेवाओं के निजीकरण को बंद करें। सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26000 पर प्रति माह लागू क रें।असंगठित श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक व्यापक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करें। मनरेगा बजट में बढ़ोतरी करें। मोटर व्हीकल एक्ट में ट्रांसपोर्ट मलिक व ड्राइवरों के लिए भारी जुर्माना व सजा के बदलाव को रद्द करें। बढ़ती महंगाई पर रोक लगाएं। खाद्य वस्तुओं, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल आदि की कीमतें कम करें। अनुबंध,आउट सोर्स, ठेका,फिक्स टर्म, कैजुअल,टेंपरेरी,मल्टीटास्क, मल्टीपरपज श्रमिकों के लिए नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करें। एक समान काम का एक समान वेतन दें। अग्निवीर व अन्य निश्चित अवधि के रोजगार को समाप्त करें। इस दौरान सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर सिंह ठाकुर, जिला सचिव जोगिंद्र कमार, रंजन शर्मा, जितेंद्र धीमान, राजकुमारी, मीरा खान, नवीन कुमार पंकज, धर्म सिंह, मदन आदि ने भी संबोधित किया व सैंकड़ों मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।