लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध करवाने के लिए लंबलू आयुर्वेदिक अस्पताल में अक्षि तर्पण और शिरोधारा थेरेपी शुरू हुई। विशेष उपचार पद्धतियों का लाभ लेने के लिए प्रतिदिन पांच से छह मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन थेरेपी से आंखों तथा मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं का हल होता है। यही कारण है कि अस्पताल की ओपीडी प्रतिमाह करीब 800 तक पहुंच गई है। पहले जहां 600 से 700 के बीच ओपीडी थी लेकिन अक्षि तर्पण और शिरोधारा थेरेपी का काफी रूझान देखा गया। वहीं कपिंग थेरेपी से मांसपेशियों के दर्द, शरीर में जकड़न, रक्त संचार में सुधार तथा कुछ अन्य शारीरिक समस्याओं में लाभ मिलता है। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी लंबलू डॉ. अंकुश ने बताया कि अक्षि तर्पण एक विशेष आयुर्वेदिक प्रक्रिया है, जिसमें औषधीय घृत की सहायता से आंखों का उपचार किया जाता है। इससे आंखों में जलन, सूखापन, थकान, दृष्टि संबंधी परेशानियों का हल होता है। वहीं शिरोधारा थेरेपी से अनिद्रा, मानसिक तनाव, चिंता, उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को लाभ मिल रहा है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि भविष्य में आयुर्वेदिक चिकित्सा की नई और प्रभावी उपचार पद्धतियों को शुरू कर क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।