चीन की ओर से लागू किए जा रहे कथित जातीय एकता कानून के विरोध में शनिवार को धर्मशाला में तिब्बती समुदाय के लोगों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चीन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तिब्बत पर चीन के कब्जे को समाप्त कराने के लिए भारत सरकार से सहयोग की मांग उठाई। रैली में बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चीन का नया कानून तिब्बत की धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को खत्म करने की कोशिश है। उनका आरोप था कि इस कानून के माध्यम से तिब्बती बच्चों और युवाओं को उनकी संस्कृति से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने तिब्बत की स्वतंत्रता के समर्थन में नारे लगाए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि तिब्बती समुदाय लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों और स्वतंत्रता की मांग करता रहा है। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह तिब्बत के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए और तिब्बती लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में सहयोग दिया।