पूर्व विधायक एवं सीपीआई नेता केके कौशल ने एम्स बिलासपुर में डॉक्टरों और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि संस्थान में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ और आईजीएमसी शिमला रेफर करना पड़ रहा है। बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में केके कौशल ने कहा कि एम्स को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन कई विभागों में आधुनिक मशीनों और संसाधनों के अभाव से इसका उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेहतर सुविधाएं नहीं मिलने के कारण कई अनुभवी डॉक्टर भी संस्थान छोड़कर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले वरिष्ठ डॉक्टरों के लिए बच्चों की शिक्षा, आवास, खेल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यदि इन सुविधाओं में सुधार किया जाए तो डॉक्टर लंबे समय तक संस्थान में सेवाएं दे सकेंगे। कौशल ने एम्स की पार्किंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य द्वार के समीप की पार्किंग मरीजों, रक्तदाताओं और आपातकालीन जरूरत वाले लोगों के लिए उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही भर्ती प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता लाने की भी मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से आग्रह किया कि एम्स बिलासपुर में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए और डॉक्टरों व मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि हिमाचल के लोगों को प्रदेश में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।