अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग चैंपियनशिप के तहत बुधवार को पायलटों सुबह से लेकर शाम तक उड़ानें भरीं। पायलटों ने बंदला धार से उड़ान भरी और हवा में करतब करते हुए सांडू मैदान के किनारे टारगेट जोन में लैंड किया, जहां पर जजमेंट पैनल ने सभी की उड़ानों को जांचा गया। बंदला धार में सुबह 8:00 बजे से उड़ानें शुरू हुईं। टेक ऑफ मास्टर के दिशा निर्देशानुसार सभी पायलट बारी-बारी उड़ानें भरीं। इवेंट के चौथे दिन तक हुए पांच राउंड के बाद लीडर बोर्ड में भारत पहले और नेपाल दूसरे नंबर पर मौजूद है। महिलाओं में दक्षिण कोरिया पहले और दूसरे और सऊदी अरब तीसरे नंबर पर चल रहा है। गुरुवार को प्रतियोगिता का समापन होगा, जिसमें पायलट इवेंट की अंतिम उड़ान भरेंगे। गुरुवार को प्रतियोगिता का समापन किया जाएगा और सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। इवेंट कॉर्डिनेटर रोहित अग्रवाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला में पहली बार एफएआई की ओर से प्रायोजित श्रेणी दो पैराग्लाइडिंग इवेंट का आयोजन किया गया है। वहीं पर्यटन विभाग के अधिकारी रितेश पटियाल ने बताया कि राज्य सरकार पूरे हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस तरह के आयोजन करवा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आकर्षित होकर हिमाचल में आएं और यहां पर पर्यटन को गति मिल सके। जजमेंट पैनल में चीफ जज रुस्तम मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि टेक ऑफ मास्टर के रूप में बिलासपुर के सीनियर पायलट अतुल शर्मा और उनकी टीम सहित सेफ्टी इंचार्ज पुनीत चंदेल अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा नए जज भी इसमें शामिल किए गए हैं।