सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक त्रिलोक जम्वाल ने बंद किए गए कन्या विद्यालय बिलासपुर की बहाली को लेकर प्रदेश सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से स्कूल को बंद करने की अधिसूचना जारी की गई, उसी तत्परता से उसकी बहाली क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द बहाली की अधिसूचना जारी नहीं की गई तो सरकार को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जमवाल ने कहा कि गोबिंद सागर में जलमग्न हो चुके पुराने बिलासपुर शहर के समय से यह कन्या विद्यालय संचालित हो रहा है। पुराने शहर के डूबने के बाद इसे नए शहर में दोबारा शुरू किया गया था, ताकि बेटियों की शिक्षा प्रभावित न हो। कहा कि गत 18 फरवरी को प्रदेश के 38 स्कूलों को मर्ज करने की अधिसूचना जारी की गई, जिनमें बिलासपुर का यह स्कूल भी शामिल था। सरकार ने इतनी जल्दबाजी दिखाई कि उसी दिन शाम को स्कूल की प्रधानाचार्य को रिलीव कर डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय में ज्वाइन करवा दिया गया। जम्वाल ने कहा कि चौतरफा विरोध के बाद सरकार ने मौखिक रूप से सफाई दी कि स्कूल बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद बहाली की कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। विधायक ने कहा कि इससे पहले बिलासपुर गर्ल्स आईटीआई को बंद किए जाने पर भी सरकार ने जल्द बहाली का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में केवल बयानबाजी पर भरोसा नहीं किया जा सकता।