बिलासपुर जिले के पशुपालकों और पशु व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में वर्ष में कम से कम दो बा रपशु व्यापार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इस पहल से पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए एक ही स्थान पर बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी और उच्च नस्ल के दुधारू पशु जिला के भीतर ही मिल सकेंगे। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने उपायुक्त बिलासपुर को निर्देश दिए कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला के सभी संबंधित पशु व्यापारियों, पशुपालकों, विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की जाए। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रभावी और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। धर्माणी बचत भवन में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिला में पशु धन व्यापार की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें व्यवस्थित प्लेटफॉर्म देकर और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कैटल ट्रेड फेयर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। ऐसे आयोजनों से किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशुओं की खरीद-फरोख्त का अवसर मिलता है। साथ ही पशुपालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, टीकाकरण, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी भी मिलती है। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला के पशुपालकों को अच्छी नस्ल के दुधारू पशु खरीदने के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है। यदि यह सुविधा जिला में ही उपलब्ध होगी तो पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा और पशु व्यापारियों की आय भी बढ़ेगी।