एचपी शिवा परियोजना के तहत बिलासपुर के टिहरी क्लस्टर में तैयार भगवा प्रजाति के अनार को निजी कंपनी 210 रुपये में खरीद रही है। यह जानकारी सहायक परियोजना निदेशक डॉ. रमल अंगारिया ने दी। उन्होंने बताया कि ट्रायल के तौर पर पांच क्विंटल अनार कंपनी को भेजा गया है, जिसकी कीमत 210 रुपये किलोग्राम लगी है। उन्होंने बताया कि आज एक टन की खेप यहां से भेजी जा रही है। बरठीं के टिहरी कलस्टर में अनार की फसल लहलहा रही है। एचपी शिवा परियोजना के तहत लगभग 100 बीघा में स्थापित इस बगीचे में अनार की फसल पककर तैयार हो चुकी है। लाभार्थी किसान अब इसे बाजार भेजने की तैयारी में जुट गए हैं। साल 2021 में ट्रायल के तौर पर टीहरी-एक और टिहरी-दो में लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में अनार के पौधों का रोपण किया गया, जिसे साल 2022 में बढ़ाकर आठ हेक्टेयर भूमि में 44 बागवानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। इस कलस्टर में भगवा प्रजाति के लगभग 8,900 अनार के पौधे रोपित किए गए। भगवा प्रजाति का यह अनार लगभग बिना बीज का होता है, जिसे बच्चे और बुजुर्ग भी आसानी से खा सकते हैं। इसके छिलके पतले होते हैं और इसमें रस की मात्रा अधिक होती है। यह अनार स्वाद में भी अत्यंत उत्तम है। इस साल 60 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। कलस्टर में जुड़े किसानों की विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने के लिए दि बरठीं कन्वर्जिंग हॉर्टिकल्चर प्रोडक्शन मार्केटिंग एसोसिएशन सहकारी समिति लिमिटेड का भी गठन किया गया है।