यमुनानगर में रोज-रोज हो रही चोरियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का ध्यान जिला सिविल अस्पताल की सुरक्षा पर नहीं है। कैमरे लगे होने के बावजूद अस्पताल में सीसीटीवी से नजर नहीं रखी जा रही। कोई भी अधिकारी सीसीटीवी से फुटेज पर नजर नहीं रखता। यहां तक की अस्पताल में लगे सीसीटीवी का कंट्रोल रूम भी बेसमेंट में चल रहा है। जिस पर हर समय ताला लगा रहता है। अधिकारियों ने कंट्रोल रूम के स्टाफ की ड्यूटी बदल कर मामले में इतिश्री कर ली। अब इनकी निगरानी की जिम्मेदारी इमरजेंसी स्टाफ को दी गई है। स्टाफ हर वक्त ड्यूटी में व्यस्त रहता है। इसलिए वह निगरानी नहीं रख रहे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों में लाखों रुपये खर्च कर टच स्क्रीन वाली एलईडी लगाई गई हैं। परंतु इनमें सीसीटीवी की फुटेज के बजाय दिनभर भजन चलते रहते हैं या फिर यह बंद रहती हैं। अस्पताल में कई बार हो चुकी हैं चोरियां: 105 करोड़ रुपये से बने जिला नागरिक अस्पताल में कई बार चोरियां हो चुकी हैं। चोर अस्पताल से दरवाजे व खिड़कियों पर लगे जाली के दरवाजे तक उतार कर चोरी कर चुके हैं। लगातार हो रही चोरियों ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी लगे हुए हैं। इसके बावजूद चोरियों पर लगाम नहीं लगा पा रही है। चोर अस्पताल से ऑनलाइन हाजिरी लगाने की पंचिंग मशीन को भी चोरी कर चुके हैं। अस्पताल के कर्मचारी निकले चोर: गत सप्ताह ही अस्पताल के बेसमेंट में रखे गए ऑक्सीजन सिलिंडर भी चोरी हो गए थे। अस्पताल में जो सीसीटीवी लगे हैं उसमें अस्पताल के ही दो कर्मचारी रोहन व रजनीश सिलिंडरों को चोरी करके ले जाते दिखे। दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस दो सिलिंडर भी बरामद कर चुकी हैं। दोनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल के कुछ और कर्मचारी भी पुलिस के निशाने पर है। कंट्रोल रूम की जानकारी नहीं है: नवजोत कौर पीएमओ नवजोत कौर का कहना है कि सीसीटीवी का कंट्रोल रूम की जानकारी नहीं है। इसके बारे में पता किया जाएगा। सीसीटीवी कंट्रोल रूम की ड्यूटी अब इमरजेंसी स्टाफ को सौंपी गई है। कंट्रोल रूम बदलने को लेकर डॉक्टरों से बात की जाएगी।