हरनौल पंचायत के अंतर्गत पंचतीर्थी में लगे तीन दिवसीय मेले के दूसरे दिन बुधवार को सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। यहां सुबह से प्राचीन श्रीराम-कृष्ण मंदिर धाम व पंचमुखी हनुमान मंदिर के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। यहां प्रसाद चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने मन्नतें मांगी। मंदिर के सामने लगे बेरी के पेड़ पर सुबह से शाम तक महिलाओं ने परांदा बांध मन्नतें मांगी। दोनों मंदिरों व बेरी के पेड़ के अलावा श्रद्धालुओं ने सामने बने सरोवर पर भी दीपदान किया। साथ ही सरोवर के जल से आचमन किया। मेले में प्रसाद, खिलौनों सहित अन्य जरूरत के सामान व खान-पान की करीब डेढ़ सौ दुकानें लगीं। जहां श्रद्धालुओं खरीदारी करते नजर आए। मंदिर कमेटी की ओर से कड़ी चावल का भंडारा भी लगाया गया। मंदिर समीप बने गुरुद्वारा साहिब में भी काफी संख्या में संगत पहुंची। मेले में सुरक्षा के लिए महिला व पुरुष पुलिस तैनात रही। मेले से जुड़ी मान्यताएं अज्ञातवास के दौरान यहां द्रौपदी समेत पांडव ठहरे थे। यहां बना सरोवर पांडवों का बनाया हुआ है। सरोवर में पांडवों ने अस्त्र-शस्त्र धोये थे। द्रौपदी ने यहां स्थिर बेरी के पेड़ पर धागा मन्नत मांगी थी। बेरी को दुख भंजन कहा गया। मान्यता है कि बेरी पर परांदा बांध मांगी मन्नत पूरी होती है। इसलिए मेले में हजारों श्रद्धालु खासकर महिलाएं पेड़ पर तीनों दिन परांदा बांध मन्नते मांगती हैं। मन्नतें पूरी होने पर मेले में आकर परांदा खोल दिया जाता है। सरोवर में स्नान को लेकर मान्यता है कि पांच रविवार को स्नान करने से चर्म रोग दूर होता है।