सेवानिवृत्त डिप्टी सीएमओ डॉ. अरुण गोयल की 40 वर्षीय पुत्रवधू रितू जैन उर्फ वंशिका की मौत के मामले में थाना शहर जगाधरी पुलिस ने करनाल के मॉडल टाउन निवासी आयुष जैन की शिकायत पर डॉ. अरुण गोयल, कर्ण गोयल, मधु गोयल और विजय गोयल के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। उधर, डॉक्टरों के पैनल द्वारा मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस परिसर में इस बार पर अड़ गए कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे वंशिका का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसी मांग को लेकर उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस में दरी बिछाकर धरना दे दिया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक बातचीत बेनतीजा रहने पर परिजन आक्रोशित हो गए और पोस्टमार्टम हाउस के सामने अपनी गाड़ी सड़क पर खड़ी कर यातायात बाधित कर दिया। इससे कुछ समय के लिए मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और परिजनों को शांत कराने में जुटी रही। बता दें कि रविवार को वंशिका का शव जगाधरी स्थित उसके ससुराल में घर के बाथरूम में फंदे से लटका मिला था। सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। परिजनों के अनुसार, वर्ष 2006 में वंशिका की शादी जगाधरी के गुलाबनगर कॉलोनी निवासी कर्ण गोयल से हुई थी। कर्ण की जगाधरी में बर्तन बनाने की फैक्टरी है, जबकि उसके पिता डॉ. अरुण गोयल स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त डिप्टी सीएमओ हैं। इस शादी से उन्हें एक संतान भी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।