यमुनानगर से जगाधरी रोड पर निजी स्कूल के सामने आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में शिवपुरी बी निवासी 55 वर्षीय चतर सिंह नेगी की मौके पर ही मौत हो गई। वे अपनी एक्टिवा स्कूटर पर काम के लिए जा रहे थे, जब ट्रॉली को ओवरटेक करने के प्रयास में आगे से आ रहे ट्रक और ट्रॉली की चपेट में आ गए। हादसे से सड़क पर जाम लग गया और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चतर सिंह नेगी सुबह करीब 8 बजे शिवपुरी से निकले थे और निजी ढाबे पर तंदूरची के रूप में काम करने जा रहे थे। जगाधरी रोड पर निजी स्कूल के पास पहुंचते ही एक ट्रॉली को ओवरटेक करने के चक्कर में उनकी एक्टिवा ट्रक और ट्रॉली के बीच फंस गई। जोरदार टक्कर से वे सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही शहर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जिला नागरिक अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक चतर सिंह नेगी पिछले 25 वर्षों से यमुनानगर के एक निजी ढाबे पर तंदूर पर काम कर रहे थे। ढाबा संचालक नरेश ने बताया कि चतर सिंह मेहनती और ईमानदार कर्मचारी थे। गुरुवार को विजयादशमी के त्योहार के कारण रात देर तक काम चला, इसलिए वे देर रात एक्टिवा लेकर घर लौटे थे। नरेश ने कहा कि चतर भाई हमारे परिवार का हिस्सा थे। उनकी मौत से ढाबे पर सन्नाटा पसर गया है।"हादसे की खबर सुनते ही मृतक का बड़ा बेटा दीपक और पुत्रवधु मौके पर पहुंचे। शव को देखते ही दोनों शव से लिपटकर विलाप करने लगे। दीपक ने रोते हुए कहा कि पिताजी रोज सुबह जल्दी काम पर जाते थे। आज विजयादशमी का दिन है, लेकिन हमारे लिए शोक का सागर बन गया।" एम्बुलेंस के जरिए शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है। हादसे के कारण सड़क पर भारी जाम लग गया, जिसे पुलिस ने करीब एक घंटे में दूर किया।चतर सिंह नेगी के परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा दीपक यमुनानगर में रहता है, जबकि छोटा बेटा निजी होटल में शेफ का काम करता है। एक अन्य बेटा विदेश में नौकरी करता है। पत्नी का भी जिक्र नहीं है, लेकिन परिवार अब पूरी तरह टूट चुका है। पड़ोसियों में शोक की लहर दौड़ गई है।