यमुनानगर में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। जिले में चिकित्सा व्यवस्था पहले की तरह सामान्य रूप से चलती रही। इस संबंध में सीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हड़ताल के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाएं बाधित नहीं हुई हैं। मरीजों को इलाज में किसी भी तरह की दिक्कत न आए, इसके लिए प्रशासन ने पर्याप्त तैयारियां की थीं। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर एमएम मुलाना और ईएसआई अस्पताल से अतिरिक्त डॉक्टरों को बुलाया गया, जिससे ओपीडी, इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर और पोस्टमार्टम जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बिना रुकावट जारी रहीं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की नियमित जांच और उपचार भी समय पर होता रहा। हड़ताल के प्रधान पुनित कालड़ा का कहना है कि डॉ. भी नहीं चाहते कि हडृताल लंबी चले लेकिन मजबूरी में डेढ साल पहले सरकार ने जो बाते मान ली थी। डॉ. सिंह ने बताया कि कुल 66 डॉक्टर हड़ताल पर हैं, जिनकी अनुपस्थिति की सूचना विभाग को भेज दी गई है। नियमों के अनुसार सभी डॉक्टरों के मामले की समीक्षा कर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। हड़ताल के कारण आमजन को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। अस्पतालों में सुबह से ही मरीजों की आवाजाही सामान्य रही और चिकित्सा स्टाफ ने पूरी जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दीं। प्रशासन का दावा है कि यदि जरूरत महसूस हुई तो अतिरिक्त चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ भी बुलाया जा सकता है। फिलहाल जिले में चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह सुचारू हैं और मरीजों को उपचार में किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वहां पर मौजूद मरीजों ने बताया कि उन्हें पर्ची कटवाने से लेकर ओपीडी, डॉक्टरी इलाज, आप्रेशन में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। डॉक्टर की हड़ताल को लेकर जिले के लोगों को भी पता चल गया था कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं इसके लिए मरीज भी अस्पताल में कम आ रहे हैं और ओपीडी में भी कम मरीज देखने को मिले।