डीएवी गर्ल्स कॉलेज से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बुधवार को स्कूटी रैली निकाली गई। रैली में मेयर सुमन बहमनी, मलिक रोजी आनंद, प्रीति जौहर और अरूणा सहित कई भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली गई। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने का प्रावधान है, जिससे उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका मजबूत होगी। हालांकि, रैली के दौरान सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी भी देखने को मिली। अधिकांश स्कूटी चालक महिलाओं ने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे किसी भी समय हादसे की आशंका बनी रही। कतारबद्ध होकर चल रही इस रैली में सुरक्षा इंतजाम भी पर्याप्त नजर नहीं आए, जिससे राहगीरों और प्रतिभागियों दोनों के लिए खतरा बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों में जहां बड़ी संख्या में वाहन सड़कों पर निकलते हैं, वहां सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। हेलमेट पहनना न केवल कानूनी अनिवार्यता है, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। रैली के माध्यम से जहां एक ओर महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने कई सवाल खड़े कर दिए। जरूरत है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान जागरूकता के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का भी पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया