मृतक राजीव के परिजनों ने हत्या के आरोपियों को फांसी देने की मांग करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है। राजीव की मौत के बाद उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी राजीव के कंधों पर थी और वही घर का मुख्य सहारा था। परिजनों के अनुसार, 27 फरवरी को राजीव घर से यह कहकर निकला था कि वह हरिद्वार जा रहा है, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी देर तक संपर्क न होने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और अंततः उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना सेक्टर 17 हुड्डा में दर्ज करवाई। 1 मार्च को सुबह करीब 11:30 बजे राजीव का शव बॉडी माजरा रेलवे पुल के पास जंगल में पड़ा हुआ मिला। संयोग से उसी दिन राजीव का जन्मदिन भी था, जिसने परिवार के दर्द को और गहरा कर दिया। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि स्नेहा नाम की युवती काफी समय से राजीव के साथ संबंध में थी। परिजनों का आरोप है कि राजीव ने अपने जन्मदिन के एक सप्ताह के भीतर स्नेहा से शादी करने का वादा भी किया था। उन्होंने यह भी बताया कि कपाल मोचन मेले में स्नेहा ने ही राजीव की छाती पर अपना नाम गुदवाया था। परिजनों ने पूरे मामले को साजिशन हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।