यमुनानगर में नीट 2026 परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कथित पेपर लीक मामले के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने जिला सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका और केंद्र सरकार व परीक्षा एजेंसियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में छात्रों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष साहुल चौधरी ने किया। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र जिला सचिवालय पहुंचे और नीट परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपना रोष जताया। छात्रों का आरोप है कि नीट 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने से करीब 22 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 48 बार परीक्षाएं दोबारा करवानी पड़ीं। छात्रों ने इसे शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताते हुए कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का भरोसा टूट रहा है। एनएसयूआई ने मांग की कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच करवाई जाए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की मांग भी उठाई गई। जिला अध्यक्ष साहुल चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।