हरियाणा के कुख्यात अपराधी वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा को मंगलवार को गुरुग्राम एसटीएफ ने भोंडसी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर यमुनानगर कोर्ट में पेश किया। दिसंबर 2024 में खेड़ी लक्खा सिंह गांव में हुए तिहरे हत्याकांड से जुड़े इस मामले में काला राणा मुख्य आरोपी के रूप में नामजद है। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को छावनी में बदल दिया गया, जहां भारी पुलिस बल तैनात रहा और आमजन व मीडिया की एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। घटना के समय एसटीएफ टीम ने काला राणा को दोपहर करीब एक बजे यमुनानगर पहुंचाया। सफेद कुर्ते-पाजामे में वेशभूषा वाले काला राणा को पुलिस वाहन में ही सुरक्षित रखा गया। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने उन्हें घेराबंदी में लेकर कोर्ट की ओर बढ़ा। जानकारी के अनुसार, उन्हें करीब तीन बजे जज गोरी नारंग की कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट परिसर में एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया, जबकि एसटीएफ ने पूरी पेशी को गोपनीय रखा और मीडिया से दूरी बनाए रखी। खेड़ी लक्खा सिंह गोलीकांड में दिसंबर 2024 को नकाबपोश बदमाशों ने जिम के बाहर भाजपा नेता नरेंद्र राणा के चचेरे भाई वीरेंद्र राणा, शराब ठेकेदार पंकज मलिक और अर्जुन पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में 60 से अधिक गोलियां चलाई गईं, जिसमें वीरेंद्र और पंकज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अर्जुन ने बाद में जेल में दम तोड़ा। गोल्डी बराड़, नोनी राणा और काला राणा गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन काला राणा जैसे बड़े नामों की तलाश जारी थी। इस घटना के बाद यमुनानगर पुलिस ने नौ पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया था, क्योंकि जांच में लापरवाही सामने आई थी।काला राणा पर हरियाणा में 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, रंगदारी वसूली, फायरिंग, लूट और सरकारी कार्य में बाधा जैसे आरोप शामिल हैं। यमुनानगर में ही उसके खिलाफ सबसे ज्यादा 19 केस हैं। थाईलैंड से भारत प्रत्यर्पित होने के बाद वह भोंडसी जेल में बंद है, लेकिन विभिन्न मामलों में उसकी पेशियां लगातार हो रही हैं। एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। काला राणा जैसे अपराधी पर नजर रखना चुनौतीपूर्ण है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।