अमेरिका ने भारत से आयात सामान पर जो 27 फीसद शुल्क लगाया है जिले में उसका विरोध शुरू हो गया है। विरोध स्वरूप आज भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने जिला सचिवालय के सामने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व केंद्र सरकार का पुतला जलाया। किसानों ने अमेरिका व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर खुद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी मौजूद रहे। किसानों ने मांग की है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका के दबाव के आगे झुकना नहीं चाहिए। गुरना चढूनी बोले, भारत आत्मनिर्भर देश गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति दूसरे देशों से खरीदे जाने वाले सामान कई गुणा आयात शुल्क लगा रहे हैं। इसी तरह ट्रंप ने भारत से आयात सामान पर 27 फीसद शुल्क लगाया है, जो कि गलत है। यह भी सुनने में आया है कि ट्रंप के दबाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका से आयात होने वाले सामान पर कुछ फीसद शुल्क घटाने जा रहे हैं। यह भारत को बेइज्जत करने वाला कदम है। नरेंद्र मोदी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे झुकना नहीं चाहिए। इससे भारत की छवि पूरे संसार में खराब होगी। उन्होंने कहा कि भारत खाद्य पदार्थों का इतना उत्पादन होता है जिससे पूरे देश के लोगों का पेट भरा जा सके। भारत एक आत्मनिर्भर देश है। ऐसे में नरेंद्र मोदी को डोनाल्ड ट्रंप तो क्या किसी भी देश के आगे नहीं झुकना चाहिए। चढूनी ने कहा कि एक तरफ तो मोदी डोनाल्ड ट्रंप को अपना सबसे अच्छा और पुराना दोस्त बताते हैं और दूसरी तरफ ट्रंप भारत पर 27 फीसद आयात शुल्क लगा रहे हैं। भारत के किसानों पर पड़ेगा सीधा असर भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि अमेरिका ने भारत पर जो 27 फीसद शुल्क लगाया है उसका असर सीधे तौर पर भारत के किसान पर पड़ेगा। इससे भारत में उत्पादन हुआ सामान अमेरिका में महंगा हो जाएगा। महंगा होने से अमेरिका के लोग अपने किसानों का सामान खरीदेंगे। भारत में छोटे किसान हैं।जिनके पास औसतन दो एकड़ जमीन है। जबकि अमेरिका में किसानों के पास सैकड़ों एकड़ जमीन है। इसलिए भारत का किसान अमेरिका के किसान का मुकाबला नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री मोदी को उनके आगे नहीं झुकना चाहिए। अमेरिका से आने वाले सामान पर टैक्स बिल्कुल भी नहीं घटाना चाहिए।