चरखी दादरी सिविल अस्पताल में पिछले पांच साल से अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद है। तब से ही सरकारी अल्ट्रासाउंड सेवा निजी केंद्रों के भरोसे है। पिछले करीब चार माह से स्वास्थ्य विभाग के पास विशेषज्ञ तो है, लेकिन सेवा शुरू करने के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। पड़ताल में सामने आया कि अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद होने के चलते विभाग ने केवल गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड की ही वैकल्पिक व्यवस्था की हुई है। सिविल अस्पताल से पुरुष या अन्य मरीजों को रोहतक पीजीआई या भिवानी सिविल अस्पताल रेफर किया जा रहा है। दरअसल, गर्भवती महिलाओं के लिए विभाग ने शहर के निजी केंद्रों से समझौता किया हुआ है। निजी केंद्रों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पहले गर्भवती महिला को जिला अस्पताल से पर्ची बनवाकर लानी पड़ती है और अगले दिन अस्पताल में जाकर रिपोर्ट लेनी पड़ रही है। एक दिन में छह किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करना गर्भवती महिलाओं के लिए आसान नहीं है।