चरखी दादरी जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर मुहिम चलाकर दस माह पहले शहर को अतिक्रमण मुक्त किया था। उस दौरान शहर की सड़कों से नाजायज कब्जे हटाने पर लाखों रुपये खर्च आया था। तत्कालीन डीसी मनदीप कौर की इस पहल को शहरवासियों ने सराहा था जबकि उनके तबादला होने के बाद हालात फिर से पहले जैसे बन गए हैं। फिलहाल अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। दरअसल, तत्कालीन डीसी मनदीप कौर ने विभागों का सामंजस्य स्थापित करवाकर संयुक्त टीम को शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए उतारा था। टीम ने करीब 20 दिनों तक लगातार कार्रवाई की और परिणामस्वरूप शहर की सड़कें चार से 19 फुट तक चौड़ी हो गईं। उस कार्रवाई का असर ये था कि गलियों में भी लोगों ने स्वेच्छा से चबूतरे तोड़ दिए थे।