सोनीपत के गांव तिहाड़ खुर्द में गौ माता नंदिनी की तेरहवीं की रस्म आयोजित की गई। नंदिनी का निधन 7 जुलाई को हुआ था। परिवार ने 18 वर्षों तक उसे अपने सदस्य और मां की तरह पाला था। परिवार ने नंदिनी को इन्सानों की तरह अंतिम संस्कार दिया था। तेरहवीं की रस्म हवन यज्ञ और विधि विधान के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर आसपास के 11 गांवों के लोगों के लिए भोज का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और साधु संत गौ माता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। नंदिनी को रसगुल्ला बहुत पसंद था। इसलिए तेरहवीं के भोज में विशेष रूप से रसगुल्ला भी बनाया गया। परिवार ने बताया कि नंदिनी की 6 पीढ़ियां आज भी उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने बेसहारा गौवंश को सड़कों पर छोड़ने वालों पर कड़े कानून की मांग की। परिवार ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। गौ माता की सेवा और सम्मान तिहाड़ खुर्द के परिवार ने नंदिनी को 18 वर्षों तक पाला। उसे परिवार का अभिन्न सदस्य और मां का दर्जा दिया गया था। उसके निधन पर इन्सानों की तरह अंतिम संस्कार किया गया। तेरहवीं की रस्म भी पूरे विधि विधान से संपन्न हुई। यह परिवार के गौवंश के प्रति गहरे प्रेम को दर्शाता है। सामाजिक भोज और मांग तेरहवीं के अवसर पर एक बड़े भोज का आयोजन हुआ। इसमें आसपास के 11 गांवों के लोग और साधु संत शामिल हुए। नंदिनी के पसंदीदा रसगुल्ले को भी भोज में शामिल किया गया। परिवार ने बेसहारा गौवंश छोड़ने वालों पर सख्त कानून बनाने की मांग की। उन्होंने सड़कों पर गायों को छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की।