क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है और मौसम का मिजाज भी बदलता नजर आ रहा है। ऐसे समय में खेतों में खड़ी सूखी फसल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। किसी भी घटना के समय सबसे पहले फायर ब्रिगेड की जरूरत पड़ती है, लेकिन गोहाना फायर स्टेशन के अंतर्गत आने वाले करीब 125 गांव केवल दो दमकल गाड़ियों के सहारे हैं। अग्निशमन विभाग का कहना है कि आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए विभाग की ओर से पूरी तैयारियां की गई हैं। सभी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचा जा सके। इसके बावजूद बड़ी समस्या यह है कि इतने बड़े इलाके में दमकल केंद्र के पास केवल दो गाड़ियां ही हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक समय में दो ही कॉल पर गाड़ियां भेजी जा सकती हैं। अगर एक साथ कई जगह आग लगने की सूचना मिलती है तो परेशानी बढ़ सकती है। जैसे-जैसे मौसम में गर्मी बढ़ रही है, खेतों में खड़ी सूखी फसल बेहद ज्वलनशील हो जाती है। ऐसे में छोटी सी चिंगारी भी बड़ी आग का रूप ले सकती है। इसी कारण आगजनी की घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। अधिकारियों के अनुसार पिछले साल क्षेत्र में आग लगने की करीब 200 घटनाएं सामने आई थीं, जिन पर समय रहते काबू पा लिया गया था। विभाग का कहना है कि इस साल भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन क्षेत्र के हिसाब से दमकल गाड़ियों की संख्या बढ़ना जरूरी है।