ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर की ओर से आंदोलन में गिरफ्तार किए गए मजदूरों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में लघु सचिवालय में धरना दिया गया। मिड डे मील कार्यकर्ता यूनियन ने भी अपनी 17 मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम दिया। एआईयूटीयूसी के राज्य सचिव हरिप्रकाश ने कहा कि कई साल से न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई और अभी युद्ध की वजह से सामानों के रेट आकाश छूने लगे। सरकार सिर्फ चंद पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। जिला प्रधान बलवान सिंह ने कहा कि सरकार का मजदूरों के हितों से कोई लेना देना नहीं है। जिला सचिव बलबीर सिंह ने कहा कि मिड डे मील वर्कर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया ही नहीं जा रहा है उनको श्रमिक का दर्जा देने को भी सरकार तैयार नहीं है। न उनको समय पर मानदेय मिलता है ऊपर से ड्यूटी से बाहर के कार्य करवाए जाते हैं। काम न करने पर सरकार ने यूनियन की महासचिव कुसुम पांचाल को नौकरी से निकाल दिया। इस दौरान ब्रह्म सिंह दहिया, ईश्वर सिंह राठी, इंद्र सिंह, अमित कुमार, ईश्वर सिंह दहिया, जय भगवान, ऋषिपाल, सुरेंद्र सिंह, बीरमति, पूनम भी उपस्थित रहीं।