शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित गांव सुनारिया देश के लिए बलिदान होने वाले वीरों की भूमी है। इतना ही नहीं, गांव के लोग भारतीय सेना में उच्च पदों पर भी कार्यरत हैं। हर तीसरे घर से जवान सेना में शामिल हैं। पाकिस्तान के साथ 1965 की लड़ाई में गांव के चार जवान वीरगती को प्राप्त हुए थे। इनमें नायक साहब सिंह, सिपाही मुंशी राम, सिपाही ईश्वर सिंह व सिपाही हरीकिशन शामिल हैं। अमर उजाला ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों व परिजनों से बातचीत की तो उन्होंने इन पर गर्व जताया।