रेवाड़ी की अनाज मंडी में मार्केटिंग कमेटी की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। अचानक हुई बरसात ने किसानों और व्यापारियों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मंडी में खुले आसमान के नीचे रखी गई सरसों बारिश में भीगकर बह गई, जिससे किसानों के अरमानों को गहरा झटका लगा है। मौसम विभाग द्वारा पहले ही बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, इसके बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। मंडी में बड़ी मात्रा में सरसों खुले में पड़ी रही और बरसात शुरू होते ही पानी में बहने लगी। किसानों का कहना है कि यह उनकी खून-पसीने की कमाई थी, जो कुछ ही समय में बर्बाद हो गई। स्थिति यह रही कि टिन शैड के नीचे व्यापारियों का माल रखा हुआ था, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते शैड को खाली नहीं कराया। इसके चलते अधिकांश किसानों की सरसों खुले में ही पड़ी रही। बरसात के समय तक मंडी में आई अधिकतर सरसों की बिक्री भी नहीं हो पाई थी, जिससे नुकसान और बढ़ गया। व्यापारियों के पास भी पर्याप्त मात्रा में तिरपाल नहीं थे, जिससे वे अपने माल को सुरक्षित नहीं कर सके। मंडी में अव्यवस्था का आलम इस कदर था कि बारिश के दौरान किसी प्रकार का समुचित प्रबंधन नजर नहीं आया। किसानों और आढ़तियों ने मार्केटिंग कमेटी के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित इंतजाम किए जाते तो इस नुकसान से बचा जा सकता था। वहीं, मार्केटिंग कमेटी के सचिव मनीष रोहिल्ला ने बताया कि बीते दिन करीब 7 हजार क्विंटल सरसों मंडी में आई थी। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले आढ़तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, किसानों का सवाल है कि जब मौसम का अलर्ट पहले से था, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने तैयारी क्यों नहीं की। इस घटना ने मंडी की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।