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रेवाड़ी: वीर सैनिकों ने कारगिल युद्ध में अपने योगदान की सुनाई गाथा

शाहिल शर्मा Updated Sat, 26 Jul 2025 04:18 PM IST

अमर उजाला की तरफ से पूर्व सैनिकों के साथ कारगिल दिवस पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन विकास नगर में किया गया। कार्यक्रम में कारगिल योद्धाओं ने पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के अनुभवों को साझा किया। नेवी से रिटायर्ड नरेश यादव ने बताया कि कारगिल युद्ध में किस तरह से पाकिस्तान ने हमारे साथ धोखा किया उसे कभी नहीं भूल जा सकता है। मगर फिर भी हमने विजय पाई थी। कैप्टन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 1999 में कारगिल युद्ध में शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शी के तौर पर बताना चाहते हैं कि हमारी फौज नीचे थी और पाकिस्तान की फौज पहाड़ी पर थी।मगर हमारे सैनिक पीछे नहीं हुए और डटकर सामना किया। पूर्व सैनिक ललित कुमार ने बताया कि उन्होंने भी कारगिल युद्ध में भाग लिया था। कारगिल लड़ाई मई महीने में शुरू हुई थी। जानकारी मिली थी पहाड़ियों पर दुश्मनों ने कब्जा जमा लिया है उसके बाद जब खबर मिली तो लड़ाई शुरू हुई थी। यह ऐसी लड़ाई थी जो अपनी जमीन पर लड़ी गई थी। दुश्मनों ने हमारी जमीन पर कब्जा किया हुआ था। 26 जुलाई को भारतीय सेना ने विजय हासिल की थी। पूर्व सैनिक यशवंत सिंह ने बताया कि कारगिल युद्ध में मेरी यूनिट मौके पर मौजूद थी। युद्ध में मेरी गन ने मेरा बहुत साथ दिया था। सरकार से मेरी यही मांग है कि पूर्व सैनिकों की जो भी मांगे हैं वह पूरी होनी चाहिए।

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