पर्यावरण प्रदूषण के साथ श्वास रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में सीओपीडी ( क्रानिक ऑबस्ट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के लगभग 25 मरीज पहुंच चुके हैं। पहले यहां दो या तीन मरीज ही आ पाते थे। अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट और फिजिशियन के पास दिन-प्रतिदिन इनकी संख्या बढ़ने लगी है। ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग बलगम और सांस फूलने से समस्या से जूझ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में दिवाली के बाद से ही सीओपीडी के मरीज बढ़ रहे हैं। ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग छाती में बलगम ( कफ ) जमने के कारण सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं। गगसीना से इलाज के लिए पहुंचे 49 वर्षीय बलिंद्र ने बताया कि उसे दिवाली के बाद से ही सांस लेने में परेशानी हो रही थी। सीढि़यां चढ़ते समय उसकी सांस फूलने लग गई है। इसलिए वे पहले घरौंडा इलाज के लिए पहुंचे थे लेकिन वहां से उन्हें पानीपत जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया। अब वे यहां इलाज के लिए पहुंचे। मॉडल टाउन की 52 वर्षीय शशि ने बताया कि उसे सीढ़ी चढ़ते समय सांस फूलने की समस्या लगभग पांच साल से है लेकिन दिवाली के बाद तो यह समस्या ओर बढ़ गई है। अब वह जिला नागरिक अस्पताल इलाज के लिए पहुंची है। फिजियोथेरेपिस्ट ने उन्हें कुछ एक्सरसाइज करके दिखाई हैं जिन्हें अब वह प्रतिदिन करेगी ताकि सांस की समस्या से निजात मिल सके।