सावन में रविवार को मेघा जमकर बरसे। मतलौडा खंड के सबसे अधिक 50 एमएम बारिश दर्ज की। वहीं पानीपत में 19, समालखा व इसराना में दो-दो और बापौली में एक एमएम बारिश दर्ज की। बारिश के बाद धान उत्पादक किसानों के चेहरे खिल उठे। अब फसल की बढ़वार और फुटाव तेज होगा। मौसम विशेषज्ञ ने सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। सावन के महीने में मेघा जमकर बरस रहे हैं। लोगों को गर्मी से राहत मिली है। रविवार को सुबह से ही बादलों की आवाजाही लगी रही। दिन में कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई तो कहीं-कहीं छिटपुट बारिश ही हुई। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार छह किलोमीटर प्रति घंटा रही। लगातार बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है लेकिन कई जगह जलभराव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। जगह-जगह बने गड्ढे हादसे का कारण बन रहे हैं। वाहन चालकों के साथ राहगीरों का भी गलियों में जलभराव के कारण आना-जाना मुश्किल हो रहा है। पानी की निकासी की व्यवस्था की पोल सावन के महीने में ही खुल गई है। कुछ समय पहले तक किसान तेज बारिश होने का इंतजार कर रहे थे। क्योंकि किसानों को धान की रोपाई करनी थी। इसराना निवासी बलबीर सिंह व कवी गांव के राममेहर ने बताया कि धान की फसल में पानी नहीं रुक पा रहा था। अब तेज बारिश होने खेतों में पानी जमा हुआ है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष ने बताया कि बारिश होने से किसानों को काफी राहत मिली है। इससे धान की फसल को फायदा होगा। सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मंगलवार को आसमान साफ रह सकता है।