पानीपत। भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस नेता बार-बार संसद से भाग रहे हैं। इससे सरकार और जनता का समय व्यर्थ किया जा रहा है। सरकार हर विषय पर चर्चा करने को तैयार हैं, लेकिन वे विषय को समझने की बजाय भटकाने में लगे हुए हैं। उन्होंने ये बात मंगलवार को भाजपा के जिला कार्यालय श्याम कमल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और इसका उद्देश्य जनहित के विषयों पर चर्चा, कानून निर्माण तथा सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि संसद का लगातार बाधित होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनहित दोनों के लिए उचित नहीं है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार संसद के भीतर छात्रों, परीक्षाओं, नीट और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी अपनी तरफ से चर्चा के लिए सहमति व्यक्त की थी और संबंधित विषयों पर जवाब देने की इच्छा जताई थी। उनका कहना था कि लोकतंत्र में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है और किसी भी विवाद का समाधान संसदीय चर्चा के जरिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दे उठाए गए। पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई, फिर नीट परीक्षा पर चर्चा और बाद में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से बयान की मांग की गई। डॉ. गुप्ता ने कहा कि यदि किसी भी विषय पर सवाल हैं तो उनका समाधान संसद के भीतर चर्चा और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए कानून को और प्रभावी बनाया गया है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके और विद्यार्थियों का विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्र आंदोलन हो या झारखंड में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, दोनों स्थितियों को समान संवेदनशीलता से देखा जाना चाहिए। किसी भी राज्य के छात्र के अधिकार, भविष्य और सम्मान में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान राजनीतिक टकराव से नहीं बल्कि संवाद, पारदर्शिता और प्रभावी व्यवस्था से निकलेगा। विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी राजनीतिक विवाद से ऊपर है और सभी दलों की जिम्मेदारी है कि उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इस मौके पर मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी शमशेर सिंह खरक, संदीप आजाद, दीपक सलूजा, जिला मीडिया प्रभारी ओमदत्त आर्य, भाजपा नेता ईश कुमार राणा, सुनील कंसल, अमरजीत कोहली, , लाजपत मल्होत्रा राहुल राणा, रविंद्र तुषामड, सतीश सहगल, धर्मपाल चोपड़ा, नरेश बेनीवाल व राजेश भारद्वाज मौजूद रहे।