अमर उजाला समूह के स्वर्णिम शताब्दी की ओर थीम पर गुरुग्राम में बुधवार को आयोजित संवाद हरियाणा में पानीपत से सीए भूपेंद्र दीक्षित और सीए मुकेश शर्मा शामिल हुए। दोनों ने हरियाणा संवाद के थीम की सराहना की और इसे जीवन का सच जानने के साथ आगे बढ़ने के लिए बहुत सीख मिलने की बात कही। दोनों ने इन संदेशों को अपनाकर जीवन में आगे बढ़ने का फैसला लिया। मुझे बुधवार को गुरुग्राम अमर उजाला के हरियाणा संवाद में शामिल होने का अवसर मिला। यह तीन महीने में अमर उजाला के दूसरे कार्यक्रम शामिल होने का मौका रहा। पानीपत से गुरुग्राम की दूरी तय कर आयोजन स्थल पर पहुंचे। यहां व्यवस्था सराहनीय रही। इससे भी बेहतर वक्ता रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, योग गुरु बाबा रामदेव समेत अन्य वक्ताओं को सुना और उनसे रूबरू होने का अवसर मिला। इस आयोजन में जीवन में आगे बढ़ने के साथ व्यक्ति को अपने सिद्धांत खुद बनाने का मंत्र मिला। यहां बताया कि व्यक्ति को आज के दौर में हर रोज खुद को मोबाइल से कुछ देर दूर रखना होगा। वह बेशक आधे या एक घंटे का होना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन में इसे अपनाने का फैसला लिया है। मैं घर जाने के बाद हर रोज एक घंटे मोबाइल को दूर रखूंगा। भूपेंद्र दीक्षित, सीए। मेरा अमर उजाला संवाद का पहला कार्यक्रम रहा। मैं कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं के संघर्ष को करीब से जानना चाहते थे। यहां योग गुरु बाबा रामदेव, पहलवान योगेश्वर दत्त, अभिनेता अरशद वारसी, ईशांत शर्मा, पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा के संघर्ष के बारे में जाना। इससे यही सीख और संदेश मिला कि व्यक्ति को कभी चुनौतियों से हार नहीं माननी चाहिए। अपना लक्ष्य तय कर उस दिशा में लगातार मेहनत करनी चाहिए। वक्ताओं ने दूसरी बड़ी बात कही कि व्यक्ति को अपने कर्म पर केंद्रित रहना चाहिए, उनको कभी फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए। भगवान मेहनत का फल एक दिन जरूर देंगे। उन्होंने इसके बाद अपने पैतृक गांव नैन को और बेहतर करने का फैसला लिया है। उनकी पत्नी राजरानी शर्मा ग्राम पंचायत की सरपंच हैं। मैंने उनको भी गांव की बेहतरी के और काम करने की बात कही है।