जिले की पारंपरिक खेल संस्कृति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अखाड़ा जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन मंगलवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम में किया गया। प्रतियोगिता की शुरुआत मंगलवार सुबह 8 बजे से 9 बजे तक खिलाड़ियों के वजन की प्रक्रिया से की गई। प्रतियोगिता में कुल 96 खिलाड़ियों के वजन हुए। इस दौरान वजन में केवल 1 किलोग्राम की छूट दी गई। इसमें अंडर 17 पुरुष फ्री स्टाइल प्रतियोगिता में 41 से 45 किलोग्राम वजन में खिलाड़ी निशांत प्रथम, 48 किलोग्राम में ओमप्रकाश प्रथम, 51 में धुर्व प्रथम, 55 में कमल प्रथम, 60 में जतिन प्रथम, 79 में आकाश प्रथम, 86 में सूरजमल प्रथम, 92 में निर्देश प्रथम, 97 में कुशल प्रथम और 125 किलोग्राम वजन में विवेक प्रथम स्थान पर रहे। वहीं अंडर 21 पुरुष जूनियर फ्री स्टाइल प्रतियोगिता के दौरान मोहम्मद आकिल 57 किलोग्राम वजन में प्रथम रहे। साथ ही 61 में तुसार प्रथम, 65 में विवेक प्रथम, 70 में सौरव प्रथम, 74 में कपिल प्रथम, 77 में सुभाष प्रथम, 82 में ताजविंदर प्रथम रहा। और अंडर 21 पुरुष जूनियर ग्रीको स्टाइल प्रतियोगिता में 57 किलोग्राम में शिवम प्रथम, 60 किलोग्राम में जतिन प्रथम रहा। इसी प्रकार जिला केसरी पुरुष प्रतियोगिता में 74 किलोग्राम वजन से ऊपर में सचिन प्रथम रहा। साथ ही जिला कुमार पुरुष प्रतियोगिता में 74 किलोग्राम वजन तक में दिनेश प्रथम स्थान पर रहा। इसी क्रम में महिला वर्ग अंडर 17 कैडट प्रतियोगिता में 36 से 40 किलोग्राम वजन में ज्योती प्रथम, 43 में रितु, 46 में अरुना तंवर, 49 में किरन, 53 में काजल रही। साथ ही महिला वर्ग सीनियर प्रतियोगिता में 50 किलोग्राम में सपना प्रथम, 53 किलोग्राम में छवी प्रथम रही। महिला वर्ग में जिला कुमारी प्रतियोगिता 62 किलोग्राम वजन तक में मनीषा प्रथम और कोमल दूसरे स्थान पर रहीं। साथ ही महिला जिला केसरी प्रतियोगिता 62 किलोग्राम से ऊपर के वजन में अंकिता प्रथम स्थान पर और किरन दूसरे स्थान पर रहीं। इस मौके पर महिला कुश्ती कोच सुदेश ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य जिले की कुश्ती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना और उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, कोच, अभिभावक एवं खेल कोचों की उपस्थिति रही। प्रतियोगिता का उद्देश्य जिले के उभरते हुए पहलवानों को मंच देना और उन्हें राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। इसके माध्यम से जिले को कई नए उभरते पहलवान मिलेंगे। साथ ही विजयी खिलाड़ियों का चयन आगे की प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा और उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। - गोपालकृष्ण सिंह, सीनियर भारोत्तोलन प्रशिक्षक